पुस्तक समीक्षा- क्रांतिदूत

क्रांति दूत चंद्रशेखर आज़ाद से पहला परिचय हुआ विद्यालय में। नैतिक विज्ञान, हितोपदेश, राष्ट्रप्रेम को साक्षात करता हुआ एक चरित्र जो इतिहास के पन्नों से जीवंत सा होकर जिंदगी जीने का सलीका सिखा गया। आज़ाद के व्यक्तित्व में एक ऐसा आकर्षण था जो अभी तक मानस पटल से उतरा नहीं है। “आज़ाद हूँ आज़ाद रहूँगा” …

पुस्तक समीक्षा- समय अभी तक वहीं खड़ा है

“चार दिन जिंदगी है सुना था मगर तीसरा दिन गया है बिना बात के…” जिस प्रतियोगिता को जीतने का इरादा ना हो, उसमें अकारण 3 घंटे बैठना पड़े तो आँखे खिड़की के बाहर कहानियाँ तलाशती हैं। एक ऐसे ही दिन खिड़की के बाहर मैंने देखा गुलमोहर का पेड़। और 3 घंटे तक कल्पेश जी का …

राम

– श्रद्धा सुमन राय राम से मेरा प्रेम स्वाभाविक है. जीवन की प्रथम स्मृति यही है कि बाबा पलंग के कोने में आसन पे मानस पढ़ते थे और उनकी उसी सुमधुर ध्वनि से नींद खुलती थी! अवधी भाषा का ज्ञान ना होने से मेरा मन केवल अर्थ सुनने में रहता जो बाबा बिना झुंझलाए सुनाते …

Hi Shah Rukh…

Dearest Shah Rukh, This dates back to 31 years ago when you first entered Bollywood. Coincidently, the same year I was born. We were meant to be friends. Shah, So.. How do I even begin this? I don’t know.. How will we know the difference in between reality and fiction? Probably we never will. And …