घर भी कुछ कहता है…

शाहरुख़ की नई मूवी का गाना सुना और पहली ही बार सुनने पर लगा कि घर पर रहने वाले लोगों… या यूँ कहें कि जिन्हें छोड़ कर चले जाते हैं उन लोगों की इतनी ज़िम्मेदारी तो बनती ही है कि वो जाने वालों के घरों को सहेज़ के रख सकें… निकाल सकें उनके लिए एक …

सफर…

कुछ सफर तय किये जाते हैंनंगे पाँव ही…. बादलों पार के महलों में,घास पे हरी दोपहरों में,ख़्वाबों की देहलीज़ लाँघते हुए,पत्थर छू के… दुआ माँगते हुए… नव विवाहिता के गृह प्रवेश पर,राम द्वारा भरत के लिए आदेश पर,तिरंगे के सामने, सम्मान के समय,देवता मनाने को, उनके आह्वान के समय… सुदामा के आने की ख़बर को …

नीला रंग 

एक “रंग” के विधाता ने रूप कितने लिख डाले..  एक नीला रंग जो फबता है श्याम वर्ण कान्हा पर, एक नीला जो राधा की  ओढ़नी में जँचता है.. एक फैला है पूरी धरती पे समुद्र बनकर और एक आसमान में सागर के प्रतिबिंब सा दिखता है… एक नीला जो मोर ने  कंठ में धारण किया …

फ़रिश्ते

जब कोई कहता था मुझसे कि उसने फ़रिश्तों को देखा है, मैं उसका मज़ाक बनाया करती थी हर बात को हँसी में उड़ाया करती थी कोई चाहे और फूल खिले, ऐसा थोड़ी ना होता है?  कोई हँसे तो बारिश हो, ऐसा थोड़ी ना होता है?  कोई उदास हो और बदरी छाए ऐसा थोड़ी ना होता …

वो चाहता है

वो चाहता है मैं उसे लिखूँ,  और नाम इश्क़ का आये नहीं..  वो चाहता है उसकी धड़कनें लिखूँ और मोहब्बत का ज़िक्र आये नहीं जो इश्क़ सा खुद महकता है उसे इत्र के जैसा लिख तो दूँ.. पर वो चाहता है इश्क़ से इतर उसे अलग नज़र से लिखूँ मैं… कोई कहो उसे कि खुदमें …

फ़र्ज़ करो

फ़र्ज़ करो कि रात आये और तुम चाँद को देखते हो फ़र्ज़ करो कि टेबल पर कागज़ पे स्याही उड़ेलते हो फ़र्ज़ करो कि बाहर का नज़ारा बिल्कुल किताबी हो फ़र्ज़ करो कि खिड़की पे चाँद का रंग गुलाबी हो फ़र्ज़ करो कि दूर कहीं पे रात की रानी महकती हो फ़र्ज़ करो कि नज़र …

देवताओं के स्वप्न 

मैं देखती हूँ  स्वप्न में तुम्हें और तुम्हारे स्पर्श को सच सा पाती हूँ मैं देखती हूँ तुम्हें आँखें मलते मुझे देखते हुए अचरज़ करते हुए मैं देखती हूँ  कि तुम भी इस धोखे में हो कि हम मिल गए हैं, और बस एक  ख़्वाब है, ये यथार्थ… मैं स्वप्न से बाहर आती हूँ और …

Silent Lullabies

Sleepless night Dreams without sight No map to follow No highs or lows Not a sign of care Nobody sings a lullaby And yet every time I try to sleep It feels like . . . . . . . . . . . . “Jaise koi chaandni raat me gaaye, Jaise koi chhup ke …